निम्बू एक फल नहीं औषधी है, निम्बू फळ नाही औषधी आहे

  
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    निम्बू एक फल नहीं औषधी है, निम्बू फळ नाही औषधी आहे

    निम्बू एक छोटा सा फल है इसमें अनेक गुण होते है ये गुण उनमे रसायन , विटामिन और खनिज के पाये जाने के कारन होते है, फल के रसायन, विटामिन और खनिज व्यक्ति के स्वास्थ को ठीक करते है. अनेक जड़ी बूटियों में भी अद्भुत रसायनो, विटामिनो और खनिज से लबालब होती है. इस कारन अनेक वैध्य र्रोगो को ठीक करने के लिए जड़ी बूटियों का प्रयोग करते है. अनेक डाक्टर भी फलो का प्रतिदिन उपयोग करने की सलाह देते है, वास्तव में दवाईयों में भी इसी प्रकार के रसायन व्यक्ति को रोग से ठीक करती है. यदि कोई रसायन किसी ओषधी में नहीं रहता तब डाक्टर उसकी पूर्ति फलो के रसायन से करने की सलाह देते है. कोनसी बीमारी में कोनसा केमिकल काम करेगा यह डाक्टर या विशेषग्य ही बता सकता है, इसी लिए हमें डाक्टर की जरुरत पड़ती है. सच यह है कि हर व्यक्ति अपनी विधा का ज्ञाता होता है. सब व्यक्ति सब विधा के ज्ञाता नहीं हो सकते है. फलो में रसायन का पता अनुसंधानों के बाद पता चलता है और कोनसा रसायन किस रोग को ठीक कर सकता है इस आधार पर फलो के सेवन की सलाह दी जाती है. फल को एक ओषधी के रूप में लेने से उसमें स्थित रसायनों से अपने रोग को ठीक किया जा सकता है. इसके लिए विशेषग्य की सलाह ली जानी चाहिए. आज जब भी हम डाक्टर के पास जाते है, तब डाक्टर उस रोग का ईलाज इसीलिए नहीं कर पाता क्योकि उसे यह नहीं मालूम पड़ता है कि इस रोग के लिए किस रसायन कि उसे जरुरत है. इस कारन अनेक रोगी कई डाक्टरों के पास जाते है. जो डाक्टर इस बात को पकड़ लेता है वही होशियार डाक्टर है. संक्षेप में फल में निहित रसायन ही व्यक्ति के स्वास्थ को ठीक करता है. बिना दवाई और केवल फलो के सेवन से भी व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है. बाबा रामदेव केवल फल और दूध पर ही रहते है और स्वस्थ है. संक्षेप में फलो के रसायन, विटामिन और खनिज ही रोगों को ठीक करते है. इन फलो में सेब, केला, अनार और निम्बू आते है. आज नीबू के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे.
    1. नीबू भोजन सामग्री को सुरक्षित रखता है. इसे ख़राब होने से बचाता है.
    2. यह फल ऋतु के अनुसार अपने गुणों में परिवर्तन करता है और ऋतु के दोषों के अनुकूल गुण पैदा कर लेता है.
    3. नींबू को खून में खटाई वर्धक माना गया है क्योंकि वह खाने में खट्टा लगता है परंतु पेट के रसों के साथ क्रिया होने पर क्षारीय पदार्थ बन जाता हैं, और रक्त को क्षारीय बनाता हैं. नीबू में 80 भाग पानी, 1 भाग पोषक तत्व, 1 भाग चिकनाई, 8 भाग कार्बोज, आधा भाग खनिज पाये जाते है. अनेक बर्फीले पहाड़ो की यात्रा करते समय यात्री नीबू को अपने साथ ले जाते है, जो इन पहाड़ो पर पानी और पोषक तत्वों की पूर्ति करता है. इन स्थानों पर नीबू पानी वाली की अनेक दुकाने देखने को मिल जाती है.

    4. सौंदर्य संबंधी अनेक समस्याओं का समाधान नींबू में है। सौंदर्यवर्धकों में नींबू श्रेष्ठ व सर्वत्र उपलब्ध होकर तत्काल उपयोग में लिया जा सकता है. इसके मात्र रस को लगाने से चेहरे की त्वचा में चमक आ जाती है. मुहासे को दूर करने के लिए भी यह उपयोगी है. नीबू में सर से पैर तक सौन्दर्य बढ़ाने की क्षमता है, सर की रुसी को बड़ा दुश्मन है यदि इसका रस सर के बालो के जड़ में रगडा जाए तब रुसी फ़ौरन नष्ट हो जाती है. पानी में इसका रस लगाकर बाल धोने से उनमे चमक आजाती है. नीबू के अनेक शेम्पू आज बाजार मी सुलभ है.


    5. शरीर का सौंदर्य और स्वास्थ्य के लिए सुबह सुबह पहली चीज पानी में एक नींबू का रस मिलाकर पीना से सौन्दर्य और स्वास्थ दोनों मिलते है.
    4. नींबू मिला पानी शरीर को आकर्षक बनाने में मदद करता है.
    5. नींबू मिला पानी कब्ज दूर करने में भी भूमिका निभाता है और यदि कब्ज रहने से शरीर भारी और थका हुआ लगता है. यह शरीर को स्फूर्ति और प्रभावी व्यक्तित्व प्रदान करता है.
    6. आँखों के चारों ओर काली दाग दिखते है यह मुहाँसे कब्ज के कारण होते हैं तथा कब्ज दूर होते ही ये आँखों के चारो और के काले घेरे समाप्त हो जाते हैं और इस प्रकार चेहरे को चमक प्राप्त होती है. कोहनी, टखनों के कालेपन भी नींबू का रस लगाने से ये ख़त्म हो जाते है. नींबू का उबटन प्रसिद्ध है इसका उपयोग करने से शरीर मी चमक और सौन्दर्य आता है. नींबू एक बहु उदेशीय फल है.
    7. नीबू में उपयोगिता का क्षय न होने वाला भंडार है. जापान के एक प्रसिद्ध आहार शास्त्री नीबू के सबंध में कहते है कि 'घर में नीबू हमारा सेवक है, समाज के लिए उच्च कोटि का वैद्य है और समूचे राष्ट्रीय जीवन के लिए यह बहुत बड़ा वैज्ञानिक है।'
    8. एक से अधिक किस्म के नींबू भारत में पाए जाते हैं। प्रत्येक किस्म के नींबू में साईट्रिक अम्ल पाया जाता है और प्राकृतिक लवण-पोटाश और फासपोरस इसके मुख्य घटक होते हैं.
    9. नीबू के लवण खून की अम्लता को दूर कर उसे क्षारत्व का गुण लाते हैं और रक्त को शुध्द करते हैं.
    10. नीबू में सभी सभी रोगों को दूर करने की क्षमता के कारण इस नींबू को औषधि समझा माना गया है. वैसे तो लगभग सभी फलों में यह गुण न्यूनाधिक मात्रा में होता है, पर नींबू में अधिक होने के कारण और प्रायः सालभर मिलते रहने के कारण उसका महत्व अधिक है।
    11. नींबू पाचन क्रिया को व्यवस्थित करता है और पेट के अन्य विकारों में भी ठीक करता है. यह स्कर्वी रोग की विशेष दवा है.
    12. नींबू कच्ची-पकी तरकारियों का स्वाद बढ़ाता है. जिसे खाने में एक आलग स्वाद मिलता है.
    13. केले, सेब के टुकड़ों पर डालने से उनका रंग नहीं बदलता-या बिगड़ता एवं उनका स्वाद बढ़ जाता है.
    14. सर्दी लगने पर सोते समय गर्म पानी में नींबू मिलाकर पीने से फायदा होता है। कई बार ऐसा प्रयोग करने से पुराने जुकाम में भी लाभ होता है.


    नींबू का प्रयोग कब्ज दूर करने में और रक्तचाप की समस्या को भी दूर करने में मददगार बताया जाता है। अधिक खाँसी या दमा जोर पर हो उस समय शहद और उसका चौथाई भाग नीबू का रस मिलाकर लेने से तुरंत आराम होता है। नींबू के पानी का एनीमा, सादे पानी के एनीमा की तुलना में ज्यादा प्रभावी होता है तथा कई विकारों को दूर करता है।

    नींबू त्वचा के रोग, मसूड़ों की सूजन, गले की खराश, टॉंसिल के रोगों में भी लाभ करता है। आँख-कान के रोगों में भी फायदा करता है। मुँह की झाँई, मुहाँसे,घावों, दाँतों एवं चर्म रोगों के लिए श्रेष्ट प्रयोग है। नासिका के रक्तस्राव को तत्काल रोकता है।

    निम्बू
    निम्बू एक लहान एक फळ आहे पण त्या मधे बहुउदेशीय गुण आहे. ह्याचे झाड होते. एका झाडा ला अनेक फळ लागतात. या करिता ह्या फळा ची किमंत दुसरया फळा पेक्षा कमी आहे गरीब मानुस सुध्दा हे फळ विकत घेऊ शकते ह्या फळा मधे सायीट्रिक असिड आणि विटामिन्स आहे, ह्या शिवाय ह्या फळा मधे मिनरल पण आहे. निम्बू मधे हे असल्या कारणाने हे फळ महत्त्वपूर्ण झाले आहे. ह्या फळा चे गुण खलील प्रमाणे आखले गेलेले आहे:
    1. निम्बू भोजन सामग्री ला सुरक्षित ठेवते है. जेवण सामग्री ला ख़राब नाही होऊ देत. फ्रिज मधे शिजलेली अन्न जितके सुरक्षित रहते त्या पेक्षा कई पटीने हे अन्न सुरक्षित ठेवण्यात समर्थ आहे.
    2. निम्बू फळ ऋतु अनुसार आपले गुण बदलत असतो. ऋतू आपल्या बरोबर आणतात जे विकारी गुण आणतात त्याला निम्बू शरीरा करिता अनुकूल बनवतो.
    3. निम्बू रक्ता मधे आम्बट वर्धक आहे. कारण आम्बट हे निम्बा चे गुण आहे. पोटा मधे असलेल्या रसाशिन क्रिया करूँ हे फळ रक्ता ला क्षारीय बनवतो. नीम्बा मधे 80 भाग पानी, 1 भाग पोषक तत्व, 1 भाग चिकनाई, 8 भाग कार्बोज, अर्धा भाग खनिज असते.
    4. जेव्हा लोंक फाहडा वर जातात आपल्या बरोबर निम्बू घेवुन जातात कारण ह्या मधे असलेले पानी यांची तहान मिटवतो, पोषक तत्व आनी स्फूर्ति देतो. पहाडा वर निम्बू पाण्याची दुकाने याच कारणाने जास्त राहते. लोक चालून चालून थकतो यानि घाम निघतो, म्हणुण पाण्याची कमी भासते, शरीराची ताकत कमी होते या करिता स्फूर्ति आणि पोषक तत्व पाहिजे, निम्बू हे पूर्ण करते.


    4. सौन्दर्य सबंधी अनेक समस्या चे समाधान निम्बू मधे आहे. नखा पासून शिखा पर्यंत निम्बू सौन्दर्य आणू शकतो. यह शीघ्र आणि सहज मिळते आणि जेव्हा हवे तेव्हा आम्ही याचा उपयोग करू शकतो. याच्या रसानी चेहरा उजळ होतो आणि चेहरया ची कान्ति वाढवतो. सौन्दर्य सबंधी सारे प्रश्नाचे उत्तर निम्बू कड़े आहे. चेहरया वर चे पिम्पळ निम्बू च्या रसाने दूर होते. ह्याचा रसाला डोक्या च्या केसा मधे लाव्ल्यानी केसा चे विकार दूर होतात. निम्बू चे अनेक शेम्पू बाजारात उप्लाब्ध आहे. ह्या शेम्पू चा पण उपयोग केल्या जाऊ शकतो. थोडक्यात निम्बू हे सौन्दर्य वर्धक आहे.
    5. शरीरा चे सौन्दर्य वाढविन्या करिता सकाळी सकाळी खाली पोट निम्बा चा रस पाण्या मधे टाकुन पिल्यास यानी सौन्दय आणि स्वास्थ उत्तम होते. दिवसा तुन दो तीन वेळा निम्बू पानी पिल्यास शरीरा करिता चांगले आहे.
    6. नींबू पानी शरीर मधे आकर्षण उत्पन करतो,
    7. ज्याना पड्साकडे न होण्या चा त्रास आहे त्यानी निम्बू पानी पिल्यास हा त्रास दूर होऊ शकतो. हे उपाश्या घेतल्यास लवकर फायदा होते. पड्साकडे न झाल्या मुळे शरीर भारी वाटते व् काहीच काम करण्या ची इच्छा होत नाही. निम्बा मधे पड्साकडे चा त्रास दूर करण्याचे उत्तम गुण आहे. नींबू हे शरीरा ला स्फूर्ति देतो आणि पोट साफ़ ठेवतो
    8. पडसाकड़े न झाल्या मुळे डोळया चा चारी बाजूने काळे दाग आणि पिम्पळ मुळे डोळया च्या चारी बाजूने काळे दिसतात. पिंपळ आणि पड्साकडे नियमित झाल्यास हे दाग नाहीसे होतात आणि चेहरा उजळतो, हाथा च्या कोह्न्या पायाचे टखने चे काळे पण निम्बा रसानी दूर होतात. हे रस नियमित लावल्यास हां त्रास कमी होतो. निम्बा चे उबटन चा प्रयोग केल्यास पूर्ण शरीर आकर्षणा ने भरून जाते. हे एक अनेक गुणाणी भरलेले फळ आहे. निम्बाचे साल वाळवूण चुर्णना नी पण केस धुतल्या जाऊ शकते. जास्त चिकट भांडे धुन्या करिता ह्याचे उपयोग होऊ शकते.
    9. नीबू मधे अक्षय उपयोगी भंडार आहे. ह्या भंडाराचे उपयोग केले पाहिजे. जापान मधे एक प्रसिद्ध आहार शास्त्री आहे त्यानी निम्बा बद्दल सांगितले आहे कि निम्बू घराचा सेवक आहे, समाजा करिता उच्च कोटि चा वैध्य आणि समाजा करिता निम्बू उच्च कोटि चा वैज्ञानिक आहे.
    10. एक हून निम्बा ची प्रजाति आहे. ह्या मधे सायीट्रिक एसिड प्रकृतिक लवण पोटाश आणि फस्पोरस आहे.
    11. नीबू चे लवण रक्ता चे अम्ल दूर करूण त्या मधे क्षारा चे गुण आंणते आणि रक्ता ला शुध्द करते.
    12. निम्बा मधे सर्व रोग नाहीसे करण्याचे गुण आहे या कारणानी ह्याला अनेक लोक ओषधी चा दर्जा देतात सर्व फळात काही न काही गुण आहे पण निम्बू मधे सर्व गुण आहे म्हणुन जापानी आहार शास्त्री नी याला वैज्ञानिका ची भूमिके ने विभूषित केले आहे. हे फळ जवळ जवळ वर्ष भर मिळतात ह्यानी रोगा चे उपचार साठी वाट नाही पाहवे लागत.
    13. निम्बू पाचन क्रिये ला व्यवस्थित करते आणि पोटा चे विकार पण दूर करते है. और पेट के अन्य विकारों में भी ठीक करता है. हा फळ स्कर्वी रोगा ची विशेष ओषधी आहे.
    14. नींबू हे अन्ना च्या प्रत्येक घट्क ला स्वाद देतो. सर्व भाज्या स्वादिष्ट करतो ज्याना खाताना एक वेगळा स्वाद व्यक्ति ला मिळतो. चटनी ला पण वेगळी चव देते. केळा आणि सेव फळा च्या टुकड़ाय न वर निम्बू चा रस टाकल्यास त्यांचा रंग नहीं बदलत पण ह्या फळाना चव देते है.
    15. ठंडी लागल्यास झोपताना गर्म पाण्या बरोबर नीबू चा रस घेतल्यास फायदा होतो आणि हां प्रयोग सतत केल्याणी जुनी सर्दी पण नाही से होते.
    16. नीबू हे शरीरा मधे अम्ल बनू देत नाही, शरीराच्या अम्ला मुळे एसिडिटी चा त्रास होतो अश्या अव्स्स्थेत निम्बू पानी फायदा देतो. शरीरा च्या अम्ला ला निम्बू पोटात तैयार झालेल्या रसा बरोबर क्रिया करून अम्ला ला क्षार करून टाकतों. निम्बा चा फोड़ी ला गरम करुण त्या वर जीरा ची पुड टाकल्यास आजारा मुळे गेलेला स्वाद पुन्हा येतो.
    17. भाजी किंवा आमटी तिखट झाल्यास त्या मधे निम्बू पिळावे, ह्याचा तिखट पना कमी होतो.
    18. रोज निम्बू पाण्या चे सेवन केल्यास स्वास्थ उतम राहतो.
     
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