kvpy.iisc.ernet.in: Kishore Vaigyanik Protsahan Yojana-KVPY/Renewal of Fellowship/Summer Program/Selection Test-किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना/कार्यकारी समितियाँ/निरंतरता एवं नवीकरण/चयन परीक्षा

  
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    किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना
    (Kishore Vaigyanik Protsahan Yojana-KVPY)
    किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना विद्यालयों तथा स्नातक छात्रों को दी जनि वाली छात्रवृति की योजना है जो वित्त पोषण विज्ञान विभाग, भारत सरकार द्वारा अनुसन्धान की दिशा में इच्छुक विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गयी है। यह योजना विज्ञान प्रौद्योगिकी तथा औषधि क्षेत्र के छात्रों के लिए बनाई गयी है।

    इसकी शुरुआत भारत सरकार तथा विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा १९९९ में की गयी थी। इस योजना का उद्देश्य प्रतिभावान तथा अभिप्रेरित छात्रों को चुनकर उन्हें मार्गदर्शन के साथ विज्ञान के क्षेत्र के और प्रोत्साहित करना है। भारतीय विज्ञान संस्थान बैंगलोर द्वारा देश के विभिन्न केंद्रों में परीक्षा का आयोजन तथा छात्रों का चयन किया जाता है।

    छात्रों का चयन मुख्यतः उनमें से किया जाता है जो अभी XI, XII तथा प्रथम वर्ष स्नातक (B.Sc./B.S./B.Stat./B.Math./Int. M.Sc./M.S.) कक्षा में मूलभूत विज्ञान (गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान तथा जीव-विज्ञान) पढ़ रहें है। चयनित छात्र को पीoएचoडीo के पहले की कक्षाओं में छात्रवृति तथा आकस्मिक अनुदान प्रदान किया जाता है। सामान्यतः ११ मई (प्रोद्योगिकी दिवस) को या जून के दूसरे रविवार को सभी राष्ट्रीय अख़बारों में शिक्षावृत्ति के लिए विज्ञापन आता है।

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    इसके अतिरिक्त चयनित छात्रों के लिए देश के प्रतिष्ठित शोध एवं शैक्षणिक संस्थानों में ग्रीष्मकालीन शिविरों लगाए जाते है।इस योजना के संचालन के लिए भारत सरकार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु को चुना है। भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु ने इस कार्यक्रम के लिए राष्ट्रीय सलाहकार समिति (NAC),प्रबंधन समिति तथा मूल समिति तीन समितियां गठित की है।

    कार्यकारी समितियाँ
    (Executive Committees of KVPY)
    1. राष्ट्रीय सलाहकार समिति (National Advisory Committee-NAC):
    इस समिति के लिए सचिव, विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग, भारत सरकार को अध्यक्ष तथा निदेशक, भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु को सह-अध्यक्ष चुना गया है। अन्य सदस्य -

    • प्रोo राम रामास्वामी (हैदराबाद यूनिवर्सिटी)
    • प्रोo केo एनo गणेश, निदेशक, भाo विo क्षिo अo संo (पुणे)
    • प्रोo आरo वीo होसुर, निदेशक, मौo विo प्रo कें (मुंबई यूनिवर्सिटी)
    • मुख्य, इंस्पायर (INSPIRE),विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
    • डॉ. चंद्रिमा शाहा, निदेशक, राo प्रo संo (नई दिल्ली)
    • प्रोo बिमल रॉय, निदेशक, भाo सांo संo (कोलकाता)
    • प्रोo दिनेश सिंह, उप-कुलपति (दिल्ली यूनिवर्सिटी)
    • संयोजक, केo वीo पीo वाईo, भाo विo संo बैंगलोर
    2. के.वी.पी.वाई.प्रबंधन समिति (KVPY Management Committee):
    इस समिति के लिए निदेशक, भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु अध्यक्ष तथा प्रोo टीo केo चंद्रशेखर को सचिव चुना गया है। अन्य सदस्य इस प्रकार है।

    • डॉo ऐo मुखोपाध्याय, मुख्य, इंस्पायर (NSPIRE), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
    • प्रोo आरo एनo मुखर्जी, निदेशक, भाo विo क्षिo अo संo, (कोलकाता)
    • प्रोo एनo सत्यमूर्ति, निदेशक, भाo विo क्षिo अo संo, (मोहाली)
    • प्रोo एमo केo चौधरी, उप-कुलपति, तेजपुर विश्वविद्यालय, (असम)
    • प्रोo राम राजशेखरन, निदेशक, केo खाo प्रौo अंo संo
    • प्रोo बीo केo थेलमा, (दिल्ली यूनिवर्सिटी)
    • प्रोo डब्लूo एनo गडे, उप-कुलपति, (पुणे यूनिवर्सिटी)
    • एसo इo आरo बीo
    • संयोजक, के. वी. पी. वाई., भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु
    • मूल समिति के सदस्यगण (भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु)
    3.मूल समिति (Original Committee):
    इस समिति के सभी सदस्य भारतीय विज्ञान संस्थान बैंगलोर के है।प्रोo पीo केo दास (अकार्बनिक एवं भौतिक रसायन विज्ञान विभाग) को इस योजना की मूल समिति का संयोजक चुना गया है। अन्य सदस्य:

    • प्रोo अंजलि ऐo करांडे(जैव-रासायनिक विज्ञान विभाग)
    • प्रोo पीo कोंडया(एम. आर. डी. जी. विभाग)
    • प्रोo कौशल वर्मा(गणित विभाग)
    • प्रोo सत्यम सुवास(पदार्थ अभियांत्रिकी विभाग)
    • प्रोoआभा मिश्रा(उपकरण एवं अनुप्रयुक्त भौतिकी विभाग)
    • प्रोo जी मुगेश(अकार्बनिक एवं भौतिक रसायन विज्ञान विभाग)
    • प्रोo अरिंदम घोष(भौतिक विभाग)
    • श्री एसo राजू(आण्विक जैव इकाई)
    शिक्षावृत्ति की निरंतरता एवं नवीकरण
    (Continuation and Renewal of Fellowship of Kishore Vaigyanik Protsahan Yojana-KVPY)
    कौशल वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना के अनुसार चयनित लाभार्थी को छात्रवृति को निरन्तर रखने के लिए इसका नवीकरण करने के लिए हर साल विज्ञान संबंधी विषय में ६०% (प्रथम श्रेणी)अंक या फिर समतुल्य औसत ग्रेड (50 % अनुo जाति / अनुo जनजाति / पीo डब्लूo डीo) लाने होंगे।

    यदि लाभार्थी ईस्टन अंक लेन में सफल हो जाये तो उसकी छात्रवृति का नवीकरण करदिया जाता है। यह नियम २०१२ के बैच के छात्रों के समय से चल रहा है। लाभार्थी पीएचडी के पहली कक्षाओं अथवा पांच साल जो भी पहले हो तभी तक इस योजना का लाभ उठा सकता है। इसके अलावा नए छात्रों का विज्ञान या प्रथम वर्ष में लगने वाले किसी भी ग्रीष्मकालीन शिविर में भाग लेना अनिवार्य है।

    एसo एo / एसo एक्सo / एसo बी के अंतर्गत चुने गए लाभार्थी की छात्रवृति तभी मंजूर होगी यदि वह १२वी के बाद स्नातक की कक्षाओं में विज्ञानं विषयों जैसे रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, गणित, सांख्यिकी, जैव-रसायन, सूक्ष्म जीव विज्ञान, कोशिका जीव विज्ञान, पारिस्थतिकी विज्ञान, आण्विक जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, प्राणी शास्त्र, शरीर विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, स्नायु विज्ञान, जैव सूचना विज्ञान, समुद्री जीव विज्ञान, भूविज्ञान, मानवजीवन विज्ञान, अनुवांशिकी, जैव चिकित्सा विज्ञान, अनुप्रयुक्त भौतिकी, भू-भौतिकी,पर्यावरण विज्ञान को पढ़ रहें हों।

    ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम
    (Summer Program of KVPY)
    केo वीo पीo वाई के लाभार्थियों के मानसिक विकास तथा समझ को बढ़ाने के लिए इस तरह के कार्यक्रमो का आयोजन होता है। इस तरह के कार्यक्रमो का आयोजन मुख्यतः लाभार्थी को विज्ञान से रूबरू कराकर उनके अंदर जोश जगाना है जिससे वो इसमें अधिक रूचि ले। यह आयोजन ज्यादातर गर्मियों के टाइम में होते है इसलिए इन्हें ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम कहते है।

    ये मुख्यतः 1 या २ सप्ताह के होतें है। इसमें वैज्ञानिक संस्थानों में बहुत से मूलभूत विज्ञान विषयों के विशेषज्ञों द्वारा अनेक जानकरी को सुनने, शोध वातावरण की परिस्थितियों को देखने, विज्ञान के वैज्ञानिकों को कार्य करते हुए देखने तथा उनसे बातचीत करने,वैज्ञानिक अनुसंधान प्रयोगशालाओं एवं संस्थानों का भ्रमण करने तथा अलग अलग विद्यार्थियों से बातचीत कर जानकारी प्राप्त करने या आदान प्रदान करने का मौका मिलता है।

    यहाँ लाभार्थियों को उनके हर प्रश्न का हल मिलता है तथा परिक्षण करने का मौका भी मिलता है। कभी कभी अधिक रूचि वाले वैज्ञानिक छात्रों से व्यक्तिगत भी जुड़ जातें है। ये ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम ज्यादातर भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER), कोलकाता, पुणे, भोपाल एवं त्रिवेंद्रम में आयोजित होते हैं।

    आयोजित चयन परीक्षा
    (Selection Test for KVPY)
    प्रत्येक छात्र को एक पहचान पत्र दिया जाता है जिससे वो राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं/ विश्वविद्यालयों के पुस्तकालयों, प्रयोगशालाओं में प्रयोग कर सकता है। वर्ष २०१५ में यह बैंगलोर, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, देहरादून, दिल्ली, हैदराबाद, जयपुर, जमशेदपुर, कोच्चि, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, पुणे, बड़ोदरा, वाराणसी, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम शहरों में आयोजित की गयी थी।

    अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे- 080 -22932975/76, 080 -23601008 और 080 -22933536 या ईमेल- application@kvpy.iisc.ernet.in अथवा आप वेबसाइट से संपर्क करें।

     
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    Last edited by a moderator: Dec 13, 2016
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