digitalindia.gov.in: डिजिटल इंडिया प्रोग्राम/Digital India Programme-लक्ष्य तथा उद्देश्य/प्रोजेक्ट के लाभ

  
  1. Readers Help

    Readers Help Administrator Staff Member

    डिजिटल इंडिया प्रोग्राम
    (Digital India Programme)
    २० अगस्त २०१४ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में मंत्रिमंडल की बैठक हुई जिसमें 'डिजिटल इंडिया' कार्यक्रम को मंजूरी दी गयी। लोगों को सशक्त और सुदृढ़ बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी को शुरू करने के लिए अनेक पहल की गयी इसी के अंतर्गत स्वास्थ्य ,शिक्षा श्रम,रोजगार के क्षेत्रो में विकास हुआ।

    इसी क्रम में डिजिटल इंडिया प्रोग्राम की शुरुआत की गयी। डिजिटल इंडिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार की पहल की गयी। १ जुलाई2015 को इस कार्यक्रम की शुरुआत की गयी। देश के विकास और वृद्धि के लिए यह योजना बेहतर है। इस योजना का उद्देश्य गाँवो तक इलेक्ट्रॉनिक सेवाओं को गाँवो तक पहुँचाना है। वरिष्ठ मंत्रालयिओं और बड़ी कंपनियों के सीइओ की मौजूदगी में १ से ७ जुलाई को इसका शुभारम्भ हुआ।

    सुशासन और अधिक रोजगार के लिए इसको बढ़ावा देना अतिआवश्यक है। किसी भी दूसरे देश से आगे निकलने के लिए डिजिटलीकरण अधिक जरूरी है।लोकसभा में दूरसंचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हम डिजिटल डिलीवरी प्रणाली को सुदृढ़ और सुगम बना रहे हैं। इस योजना की शुरुआत में ही २५०००० गांवों तथा क्षेत्रो का डिजिटलीकरण करने की राज्य सरकारों ने स्कीम बनाई थी।

    digi.png
    यह ३ घटकों पर आधरित है पहला डिजिटल बुनियादी ढांचा, दूसरा प्रत्‍येक नागरिक की उपयोगिता के रूप में मांग पर शासन एवं सेवाएं तथा तीसरा नागरिकों का डिजिटल सशक्तीकरण करना। ये प्रत्येक को लाभ पहुँचायेगा गांवों में लोगों को कागज लेकर कई किलोमीटर भटकना पड़ता है कई जगहों के चक्कर लगाने पड़तें हैं,इसमें धन और समय दोनों बर्बाद होते है लेकिन इस प्रोजेक्ट आने के बाद इसमें आसानी हो जाएगी।

    ये योजना वास्तव में तेज गति की इंटरनेट सेवा के साथ दूर-दराज़ के गाँवों और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने के द्वारा विशेष तौर से देश के ग्रामीण पिछड़े इलाकों में वृद्धि और विकास को सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा यह राष्ट्रीय सूचना केंद्र के पुनर्निर्माण की योजना भी है। इस प्रोजेक्ट के आने के बाद लोगों में डिजिटल साक्षरता आएगी।

    डिजिटल इंडिया सामने चुनौतियां
    केंद्र सरकार की संस्था 'भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड' नेशनल ऑप्टिकल फाइबल नेटवर्क जैसी योजना को चलाएगी करेगी जो डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की निगरानी करेगा। बीबीएऩएल ने यूनाइटेड टेलीकॉम लिमिटेड को लगभग 250,000 गाँवों तथा क्षेत्रो को एफटीटीएच ब्रॉडबैंड तथा जीपीओएन के द्वारा जोड़ने का आदेश दिया है। यह वर्ष 2017 तक (अपेक्षित) पूर्ण होने वाली डिजिटल इंडिया परियोजना को सभी आधारभूत सुविधाएं प्रदान करेगी। यह भारत सरकार की सबसे विश्वात्मक परियोजना है। कई बड़ी बड़ी कंपनियों को इसमें रूचि है। ई कॉमर्स इसको सरल तथा आसान बनाने में मदद करेगा।

    इसे सफल बनाने के लिए सरकार को कई रुकावटों तथा दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।इस योजना में उचित ई-कचरा प्रबंधन के प्रावधान की भी कमी झलकती है। राष्ट्रीय ई-शासन इसको चुनौती दे सकता है क्योंकि इसका क्रियान्वयन अधूरा है। प्राइवेट सुरक्षा ,डाटा सुरक्षा,साइबर सुरक्षा ,ई कॉमर्स ,ई-शासन पर देश का नियंत्रण कमजोर है इसलिए ये भी बड़ी चुनौतियाँ होंगी। सुरक्षा विशेसज्ञों की मानें तो बिना सुरक्षा और प्राइवेसी के ई-प्रशासन और डिजिटल इंडिया बेकार है।

    देश की साइबर सुरक्षा और साइबर स्पेस की कमीं देश की कमियों को दिखाता है। इसीलिए सरकार के लिए इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने में कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी।

    लक्ष्य तथा उद्देश्य
    इस प्रोजेक्ट के कई लक्ष्य हैं। ब्रॉडबैंड हाइवे सुनिश्चित करना।मोबाईल फोन के लिये पहुँच को विस्तार करना ।तेज गति इंटरनेट से लोगों को सरल बनाना।डिजिटाईजेशन के माध्यम से सरकार में सुधार के द्वारा ई-गर्वनेंस लाना।सेवाओं की इलेक्ट्रॉनिक डिलिवरी के द्वारा ई-क्रांति लाना।सभी के लिये ऑनलाईन सूचना उपलब्ध कराना।ज्यादा आईटी नौकरियों को सुनिश्चित करना।

    शून्य आयत। रोजगार के लिए सूचना प्रौद्योगिकी। अनेक प्रोजेक्ट पहले से ही पूरे किये जा चुकें हैं या लॉन्च किये जाने वाले हैं। डिजिटल लॉकर प्रणाली का मूल रूप से उपयोग को काम करना और डिजीटलीकरण करना जरूरी है।

    इस प्रोजेक्ट के लाभ
    डिजिटल लॉकर व्यवस्था लागू करने को ये सफल जिसके बाद रजिस्टर्ड संग्रह के जरिये ई-शेयरिंग सक्षम बनाएगा।भौतिक दस्तावेज़ को कम करने के द्वारा कागजी कार्यवाही को घटाएगा तथा समय बचाएगा। यह मंच है जो “चर्चा, कार्य करना, और वितरण” जैसे कई तरह के द्वारा शासन प्रणाली में लोगों को एकजुट कर सकता है। मोबाईल पर ऑनलाईन सेवाओं के बेहतर प्रबंधन के लिये जैसे वॉइस, डाटा, मल्टीमीडिया आदि, बीएसएनएल के अगली पीढ़ी का नेटवर्क 30 साल पुराने टेलिफोन एक्सचेंज को बदल देगा। पूरे देश में बीएसएनएल के द्वारा बड़े पैमाने पर वाई-फाई हॉटस्पॉट को फैलाने की योजना बनायी गयी है।

    सरकार के द्वारा बहुत से ऑनलाईन उद्देश्यों की प्राप्ति को ये तय करेगा।कहीं से भी अपने आवश्यक दस्तावेज़ और प्रमाणपत्र को ऑनलाईन जमा करना और आवेदन पत्रों को प्राप्त लोगों के लिए आसानी होगी।ई-हस्ताक्षर के द्वारा लोग अपने कागजों को ऑनलाईन हस्ताक्षरित कर सकतें है।ई-अस्पताल के माध्यम से महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परक सेवाओं को आसान बना सकता है जैसे ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन, डॉक्टर से मिलने का समय, फीस भरना, ऑनलाईन लक्षणिक आदि। एप्लीकेशन के जमा करने, प्रमाणीकरण प्रकिया के स्वीकृति के द्वारा राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से लाभार्थी के लिये आसान होगा।

    देशवासियों के लिये पूरे देश भर में सरकारी और निजी सेवाओं को सुगम बनाता है।देश के लगभग 250,000 ग्राम पंचायतों को जोड़ेगा।राष्ट्रीय केन्द्र फ्लेक्सिबल इलेक्ट्रॉनिक को बढ़ावा देने में मदद करेगा।सभी शहरों, नगरों और गाँवों में ब्रॉडबैंड हाइवे की खुली पहुँच एक क्लिक पर अंतरराष्ट्रीय सेवा की उपलब्धता को संभव बनायेगा।

     
Draft saved Draft deleted

Share This Page